" यारो कोई तो मुझे बतावो ऐसा क्यू होता हैं हमारे साथ ??? "
जब भी हम कुछ करणे के लिये जाते हैं , तो उसी समय कुछ लोग हमे बुरा समझ लेते हैं |
कुछ अच्छा करो तो भी हम बुरे और कुछ बुरा करे तो भी हम बुरे ?
ऐसा क्यू होता हैं हमारे साथ ???
किसी की नजर में अच्छा बनने के लिये दुसरो की नजरो से उतरना ही पडता हैं |
क्या ये दुनिया का कोई रिवाज हैं जिससे हर एक को गुजरना ही पडता हैं ?
ऐसा क्यू होता हैं हमारे साथ ???
जब हम इस प्यार-मोह्हाबत के करीब जाने की कोशिश करते हैं ,उतना ही वो हमसे दूर भागती हैं |
हमारी आंखो में आंसू लाती हैं | और जब हम प्यार- मोह्हाबत से मुकर जाते हैं ,तो उसी समय एक हलकी सी हवावो के साथ वो हमे अपने आप में समा लेती हैं |
ऐसा क्यू होता हैं हमारे साथ ???
जब हम किसी को अपना सच्चा-यार, सच्चा-दोस्त मानते हैं | जिसके साथ हम अपना हर वो राज बाया करते हैं, आखिर कार वो ही दोस्त हमे किसी मोह-माया के लिये धोका देता हैं |
ऐसे में किसी के लिये दिल में जगह नही रहती , पर उसी समय सुरज की पहली किरण की तऱ्ह एक सच्चा दोस्त मिल जाता हैं |
वो खुद हम पर इतना भरोसा करता हैं की हमे न कहना ही मुश्यील हो जाता हैं , क्योकी वोही चोट कभी हमने भी खाई होती हैं |
ऐसा क्यू होता हैं हमारे साथ ???
ऐसा क्यू होता हैं हमारे साथ ???
यारो कोई तो मुझे बतावो
ऐसा क्यू होता हैं हमारे साथ ???
ऐसा क्यू होता हैं हमारे साथ ???





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